हरियाली किसे नहीँ पसंद, बहुत कम ही लोग ऐसे होंगे,जो फूल पौधे हरि भरी चहकती डालिया पसंद नहीँ करते होंगे,
वैज्ञानिक तथ्यों की माने तों हमें बाग बगिचो मे थोड़े समय के लिए नियमित जाना चाहिए,क्युकि ऐसा कर के हम प्रकीर्ति से सीधे जुड़ जाते है,
वनस्पतिया हमारे जीवन मे ख़ास मायने रखती है, हमारा अधिकांश भोजन इन्ही बनस्पतियों से हमें प्राप्त होता है, इसलिए हम अपने जीवन के कुछ पलो को धरती मे पल रही हरि भरी बनस्पतियों के नाम कर दे तों हमारा कोई नुकसान नहीँ होगा,
लेकिन फायदा अपार हो सकता है, औऱ वह फायदा सीधे हमारे स्वास्थ्य पर असर करती है, जैसा की हम जानते है की हमारे लिए ऑक्सीजन कितना महत्वपूर्ण है,
औऱ इसके बगैर जीवन की परिकल्पना करना भी असम्भव है, हमारे आस पास
ऑक्सीजन की सही मात्रा उपलब्ध कराने मे इन वनस्पतियों का अहम रोल है,
जीवन कितना ही उथल पुथल भरा हो, अगर सुबह सुबह बागीचे मे थोड़ा बैठ कर सुकून भरे पल मिल जाये तों सुबह की शुरुआत अच्छी होती है, और अगर शुरुआत अच्छी हुई तो दिन भर अच्छा ही जाता है,
इसलिए अपने घर के आस-पास बाग बगीचे जरूर बनवा कर उसमें सुंदर-सुंदर छोटी छोटी पौधे लगवाए, यदि आपके पास आवश्यकता से अधिक जमीन खाली पड़ी हो तो उसमें बड़े पेड़ भी लगाए जा सकते हैं,
परंतु सबसे बड़ी समस्या जो आती है वह होती है पौधों की देखभाल, अर्थात उनमे दिए जाने वाला खाद सबसे जरूरी होता है, खाद वैसे तो बाजार में उपलब्ध हो जाते हैं मगर अगर आपको यह खाद घर नहीं बनानी हो तो इसके लिए आपको ज्यादा परेशानी उठाने की कोई जरूरत नहीं,
आप किचन में पड़ी बेकार चीजों से आप पौधों में डालने के लिए खाद बना सकते हैं, खाद बनाने के लिए आपको किन-किन चीजों की आवश्यकता पड़ेगी और नीचे दिए जा रहे हैं
* फल और सब्जियों के छिलके
* अंडे के छिलके
* गाय के उपले
* इस्तेमाल की हुई चाय पत्ती
* पेड़ पौधों से गिरने वाली सूखी पत्तियां
* थोड़ी सी गिली मिट्टी
* धूल मिट्टी के कण
* सूखी घास
* मछलियों के अवशेष
इनमें से ज्यादा चीजें आपको किचन में मिल जाएंगे इन मैं से कुछ चीजों को मिक्सी में बारीक पीसकर गाय के उपले में मिक्स कर लें और बाकी चीजों को भी उपलो के साथ मिक्स करते हैं,
अब इन सभी को कुछ दिनों तक डीकंपोज होने के लिए किसी कोने में रख दें हर दिन थोड़ा-थोड़ा पानी इसके ऊपर से छिड़काव करते रहे, लगभग 1 सप्ताह में यह पूरी तरह से खाद के रूप में परिवर्तित हो जाएगी अभिया इस्तेमाल के लिए बिल्कुल ठीक है, इसे थोड़ा थोड़ा पौधों में डालकर उनकी उर्वरा शक्ति को आप बढ़ा सकते हैं,
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