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पहला प्यार

दिल,प्यार,इश्क,लव,जैसे शब्द का नाम सूनकर ही यगंस्टरस की धडकने चलने लगती है।जरूरी नही की सबको प्यार मिल ही जाती है।प्यार पाने वाले खूशनशीब है या प्यार न पाने वाले बदनशीब ,ये तो पता नही पर इतना हर कोइ जानता है ,,          ये इश्क नही आसान।           इक आग का दरीया।                                      पैदल ही पार करना है।                                      और डूब के जाना है।। जी हां प्यार जिसे मिल भी जाये जीवन भर दुनिया वालो की आखें शिकार बनाती रहती है,और जिसे न मिला वो हर रोज तडपता है उसकी याद मे।             इश्क की दवा एक है समय, केहते है समय धीरे धीरे सारे घाव भर देते है। इसमे दोश न हमारा होता है न उसका, ये सब तो भगवान का रचा रचाया होता है जो ऐसा कर के हमे तराशते है, हमे उस लायक बनाते है जिसकी जरुरत आन...