पुनर जन्म की बात सुनकर ही दिमाग अजीब अजीब कहानिया बूनने लगती है की आखिर होता क्या है इसमे।बहूत से लोग तो चाहते भी होगें की काश ये मेरा पुनर जन्म हो,और मेरे घर वालो को कोइ आकर केहदे की अभी मै जिस लडकी को चाहता हू वो मेरी पिछले जन्म की प्रेमीका है और उसके साथी मेरी शादी हो जाए बस्।
लेकिन आज की दुनिया आगे देखती है , पीछे नही।कुछ बाते है जो बताना जरूरी है़ आपको वेद ,पुराण ,महाभारत,गीता हर जगह इस बात का उललेख है आत्मा नष्ट नही होती ,शरीर नश्वर है।आत्मा तो दुसरा जन्म लेकर फिर से इस धरती पे आता है और तबतक आता है तबतक उसे मुक्ति नही मिल जाती ।जब दुसरा जन्म होता है तब हमे कूछ भी याद नही होता,और हम अपना नया जीवन इस तरह जाते है जैसे ये पहला जन्म हो।
लेकिन आज की दुनिया आगे देखती है , पीछे नही।कुछ बाते है जो बताना जरूरी है़ आपको वेद ,पुराण ,महाभारत,गीता हर जगह इस बात का उललेख है आत्मा नष्ट नही होती ,शरीर नश्वर है।आत्मा तो दुसरा जन्म लेकर फिर से इस धरती पे आता है और तबतक आता है तबतक उसे मुक्ति नही मिल जाती ।जब दुसरा जन्म होता है तब हमे कूछ भी याद नही होता,और हम अपना नया जीवन इस तरह जाते है जैसे ये पहला जन्म हो।
वो सारे ईच्छाये इस जन्म मे पुरी होती है जो पिछले जन्म मे नही हो पायी थी,यही कारण है की ज्यादातर लोग अपने अधुरे प्यार के कारण भी दुसरा जन्म लेकर फिर से दुनिया मे आते है और मिलते है,आपके आस पास बहूत सारे लडकीया या लडकी होगें जो someone special की तालाश मे होते है ये बिलकूल जरूरी नही है की सबको प्यार मिल जाए प्यार तो सिेफ उसे मिलता या मिलती है जिसने सच मे शदीयों का इंतजार कीया हो,ऐसे लोग जब जन्म लेते है तो धरती और आकाश भी इनका स्वागत करते है और उन्हे मिलाते है,आपने सुना ही होगा
"अगर किसी चीज को दिल से चाहो तो पुरी कायनात आपको उसके मिलाने की कोशिश ने लग जाते है" .
पुनर जन्म वाले लोग न तो अलग तरह के होते हैयऔर न ही अलग दिखते है, वो हम और आपकी तरह ही होते है । शायद आपने भी दुसरा जन्म लिया हो,अंतर बस ये है के किसी को याद रह जाता है और किसी को नही।।





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