तूलसी
तूलसी एक ऐसी औषधी है जो ज्यादातर बिमारीयो मे कारगर है।इसके पौघे दो तरह के होते है।लाल और हरी, लाल पौधे शुभता की प्रतीक मानी जाती है, कार्तिक मास में लाल तुलसी की उपयोगीता 50 गुनी अधिक हरी रोती है, जबकि क हो तुलसी रोगनाशक और वास्तु दोष नाशक होती है जाने कैसे,,
तूलसी की पतियां चाय की तरह उबाल कर पीने से सदी् जूकाम ठीक हो जाती है।शीतकाल मे अति कारगर है।
सूबह खाली पेट ५ दाने काली मिच् और १५ तूलसी की पतियां खाने से कैसंर जैसी भयानक बिमारीयो से निजात मिलती है।
तूलसी की पतियां पीसकर चेहरे पर मलने से मूहासों से राहत मिलती है,साथ साथ रुप निखरता है।
तूलसी की पूजा करने से घर सूख शातीं से भरी रेहती है, कार्तिक माह मे लाल तुलसी की पूजा से भगवानविष्णु प्रसन्न होते, साथी सभी तरह केे वास्तुदोष स्वयं नष्ट हो जाते हैं,
तूलसी एक ऐसी औषधी है जो ज्यादातर बिमारीयो मे कारगर है।इसके पौघे दो तरह के होते है।लाल और हरी, लाल पौधे शुभता की प्रतीक मानी जाती है, कार्तिक मास में लाल तुलसी की उपयोगीता 50 गुनी अधिक हरी रोती है, जबकि क हो तुलसी रोगनाशक और वास्तु दोष नाशक होती है जाने कैसे,,
तूलसी की पतियां चाय की तरह उबाल कर पीने से सदी् जूकाम ठीक हो जाती है।शीतकाल मे अति कारगर है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक मास में तुलसी जी के सामने घी के दिए जलाना लाल तुलसी इसे कृष्ण तुलसी भी कहा जाता है उसकी हर दिन पूजा करना, सौभाग्य और व्यापार में उन्नति देता है,
कृष्ण तुलसी के बीजों को भगवान विष्णु और भगवान कृष्ण के चरणों में अर्पित करना सभी तरह के दोषों को दूर करने वाला अचूक उपाय होता है|





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