कहानी आत्म सम्मान पाने की (दादी की रेसपी यूट्यूब मे शेयर कर पोते ने दिलाई शोहरत )
परिचय
अहमदाबाद से करीब 10 किलोमीटर दूर सरोला कसार गांव की रहने वाली सुमन धामने जो कि ठीक से हिंदी नहीं बोल पाती है, सिर्फ मराठी बोल कर ही उन्होंने अपने चैनल में करीब 150 रेसिपी को शेयर किया है, जिसके बाद उन्हें अच्छे रेस्पॉन्स मिले,
साल भर मे ही दादी और पोते की जोड़ी की मेहनत रंग लायी, फिलहाल वे दोनो महीने के 1.5 - 2 लाख रूपये यूट्यूब के माध्यम से कमा लेते है,
सुमन धाम्ने जी, जो की यश की दादी है वो बताती है की उनका यूट्यूब का सफर आसान ही रहा, शुरुआत मे उन्हें ज्यादा जानकारी नही थी, और यूट्यूब के माध्यम से वे अपने रेसिपीज शेयर कर सकेगी ये तो उन्होंने सपने मे भी नही सोचा था,
यूट्यूब चैनल की शुरुआत
सुमन धाम्ने के पोते यश बताते है की,उन्हें दादी के हाथ का खाना बहुत पसंद है, घर के अन्य सदस्य को भी उनके हाथ खाना पसंद करते है, एकदिन उन्होंने अपनी दादी को पाव भाजी बनाने को कहा... जिसके बाद दादी ने यश के लिए पाव भाजी बनायीं,
यश बताते है की वह इतनी लाजवाब थी की मुझे यूट्यूब पर उनके रेसिपी को शेयर करने का आईडिया आया,
इसके बाद उन्होंने Youtube पर दादी के हाथ की करेले की रेसपी शेयर की , जिसके एक मिलियन व्यू आये, जिससे उन्हें प्रेरणा मिली, और दादी की रेसपी लगातार शेयर करते रहे,
वे बताते है की एकबार उनका अकाउंट हैक हो गया था, जिससे वे काफी गये थे, फिर उन्होंने अपनी शिकायत दर्ज करवाई जिसके बाद पुनः यूट्यूब पर वीडियो Upload करने लगे,
सुमन जी बताती है, की वे पढ़ी लिखी नही है, इसके बावजूद यश ने उन्हें कई English वर्ड सिखाये है, ताकि वीडियो मे लोग उनकी बातो को अच्छी तरह से समझ सके,
यूट्यूब ने सुमन धाम्ने को एक नई पहचान दी है, इससे पहले उन्हें कोई नही जनता था.. लेकिन फिलहाल उनके 6 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर है, वे अपनी इस कमाई से खुश है |

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